UPSC Preparation

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IAS Syllabus (Prelim+Mains) 

IAS Prelims

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल
सेवा की प्रारंभिक परीक्षा

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा कुल 400 अंकों की होती है जिसमें सामान्य अध्ययन पेपर (general
knowledge paper)
 
प्रथम और सामान्य
अध्ययन पेपर द्वीतीय के दो अनिवार्य पेपर होते हैं. यह परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकार
की होगी। ध्यान रखें
, प्रीलिम्स (prelims) केवल एक छंटनी परीक्षा है, इसके अंक पूरी परीक्षा के ओवर आल अंकों में नहीं जोड़े जाते.

आयोग (UPSC) ने प्रीलिम्स (prelims) के सामान्य अध्ययन Paper II (जो बोल-चाल के भाषा में CSATकहलाने लगा है) में 33% minimum
qualifying marks
 
निर्धारित किया
है. इसका यह अर्थ यह हुआ कि इसके अंक प्रीलिम्स
 (prelims) के पूर्णांक में नहीं जोड़े जायेंगे. प्रीलिम्स परीक्षा (prelims
exam)
 
के कुल अंकों में केवल पेपर 1 के अंक ही जोड़े जायेंगे.

यदि आप पहले पेपर के मूल्याङ्कन के
आधार पर उस साल के कट-ऑफ मार्क्स को पार कर जाते हैं तो सिविल सर्विसेज मेंस
परीक्षा
 (civil services mains exam) में आपका प्रवेश होगा. पर शर्त यही है कि पेपर  में कम से कम 200का 33% (66 अंक) जरुर लाना होगा नहीं तो मेंस परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा.

प्रीलिम्स पेपर 1 का पाठ्यक्रम – (200 अंक) अवधि: दो घंटे 

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्तमान घटनाएं (Current
events of national and international importance)

भारत और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का
इतिहास
 (History of India and Indian National Movement)
भारतीय और वैश्विक भूगोल भारत और दुनिया का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल (Indian
and World Geography – Physical, Social, Economic Geography of India and the
World)

भारतीय राजनीति और शासन संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकारों के मुद्दे आदि (Indian Polity
and Governance – Constitution, Political System, Panchayati Raj, Public Policy,
Rights Issues, etc.)

आर्थिक और सामाजिक विकास, सतत टिकने वाला विकास (Sustainable
Development),
 
गरीबी, समावेशन( Inclusion), जनसांख्यिकी (Demographics) ,
सामाजिक क्षेत्र की पहलें (Social
Sector initiatives)
आदि
पर्यावरण पारिस्थितिकी (Environmental
Ecology)
,
जैव विविधता (Bio-diversity) और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) पर सामान्य/ज्वलंत मुद्दे
सामान्य विज्ञान (General
Science)

 प्रीलिम्स पेपर 2 का पाठ्यक्रम – (200 अंक) अवधि: दो घंटे (यह एक क्वालीफाइंग पेपर होगा जिसमें 33% अंक की जरूरत है) 


बोधगम्यता (Comprehension)
पारस्परिक कौशलसंचार कौशल (Interpersonal skills including communication skills) सहित
तार्किक क्षमता और विश्लेषणात्मक
क्षमता
 (Logical reasoning and analytical ability)
निर्णय लेने और समस्या को विश्लेषण
की क्षमता
 (Logical reasoning and analytical ability)
सामान्य मानसिक योग्यता (General
mental ability)

बेसिक संख्यात्मक योग्यता, संख्याएँ और उनमें आपसी-संबंध (numbers and
their relations, orders of magnitude,
आदि) (दसवीं कक्षा के स्तर का), डेटा इंटरप्रिटेशन Data
interpretation
 (
चार्ट, ग्राफ, टेबल, डेटा पर्याप्तता (data sufficiency) आदि दसवीं कक्षा के स्तर का)।

नेगेटिव मर्किंग (negative
marking=1/3 or 0.33%)

IAS Mains

संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

लिखित परीक्षा (मुख्य) mains exam में कुल नौ पेपर होंगे. लेकिन उनमें से केवल 7 पेपर के मार्क्स अंतिम मेरिट रैंकिंग के लिए जोड़े जाएगें। बाकी दो सिर्फ क्वालीफाइंग पेपर होंगे.

क्वालीफाइंग पेपर पेपर ए और पेपर बी (Qualifying Papers – Not counted for final ranking)

पेपर भारतीय भाषा

भारतीय भाषाओं में से एक भाषा, जो संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल है, उसे पेपर ए के लिए उम्मीदवार द्वारा चयनित किया जाना है। यह पत्र अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम के रहने वाले उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य नहीं होगा। इस पेपर का पूर्णांक 300 है. इस पेपर में क्वालीफाइंग मार्क्स 90 है यानी 30%.

1. Comprehension of given passages (बोधगम्यता)

2. Precis Writing (संक्षिप्त लेखन)

3. Usage and Vocabulary (शब्द प्रयोग व शब्द भण्डार)

4. Short Essay (संक्षिप्त लेख)

5. Translation from English to the Indian language and vice‐versa (अंग्रेजी से भारतीय भाषा तथा भारतीय भाषा से अंग्रेजी में)

पेपर बी- अंग्रेजी भाषा

इस पेपर का पूर्णांक 300 है. इस पेपर में क्वालीफाइंग मार्क्स 75 है यानी 25%.

प्रश्नों का पैटर्न मोटे तौर पर निम्नानुसार होगा (The pattern of questions would be broadly as follows) :‐

1. Comprehension of given passages (बोधगम्यता)

2. Precis Writing (संक्षिप्त लेखन)

3. Usage and Vocabulary (शब्द प्रयोग व शब्द भण्डार)

4. Short Essay (संक्षिप्त लेख)

Indian Languages and Scripts Allowed by UPSC for Civil Services Exam

The candidates shall use the following scripts as shown against the respective languages below. (उम्मीदवार निम्नलिखित भाषाओं के लिए नीचे निर्धारित लिपियाँ ही प्रयोग में ला सकते हैं):

                 Language                              Script

1.            Assamese                             Assamese

2.            Bengali                                  Bengali

3.            Gujarati                                 Gujarati

4.            Hindi                                     Devanagari

5.            Kannada                                Kannada

6.            Kashmiri                                Persian

7.            Konkani                                 Devanagari

8.            Malayalam                            Malayalam

9.            Manipuri                               Bengali

10.          Marathi                                 Devanagari

11.          Nepali                                   Devanagari

12.          Oriya                                     Oriya

13.          Punjabi                                 Gurumukhi

14.          Sanskrit                                 Devanagari

15.          Sindhi                                   Devanagari or Arabic

16.          Tamil                                    Tamil

17.          Telugu                                  Telugu

18.          Urdu                                     Persian

19.          Bodo                                    Devanagari

20.          Dogri                                     Devanagari

21.          Maithilli                                 Devanagari

22.          Santhali                                 Devanagari or Olchiki

Note: For Santhali language, question paper will be printed in Devanagari script(संथाली भाषा के लिए, प्रश्न-पत्र देवनागरी लिपि में प्रिंट किया जाएगा); but candidates will be free to answer either in Devanagari script or in Olchiki (मगर परीक्षार्थी देवनागरी या ओलचिकी भाषा में लिखने के लिए स्वतंत्र हैं).

Note: Paper A will not be compulsory for candidates hailing from the following states— (नीचे दिए गए राज्यों के लिए पेपर –A अनिवार्य नहीं हैं)—-

Arunachal Pradesh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland and Sikkim.

योग्यता रैंकिंग (merit ranking) वाले पेपर्स (Papers to be counted for merit ranking)

1. पेपर 1 निबंध – 250 मार्क्स

2. पेपर २ सामान्य अध्ययन I – 250 मार्क्स (भारतीय विरासत और संस्कृति, इतिहास और विश्व का भूगोल) (Indian Heritage and Culture, History and Geography of the World and Society).

3. पेपर ३ सामान्य अध्ययन II – 250 मार्क्स (गवर्नेंस, संविधान, राजनीति, सामाजिक न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध) (Governance, Constitution, Polity, Social Justice and International relations).

4. पेपर ४ सामान्य अध्ययन III – 250 मार्क्स (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन) (Technology, Economic Development, Bio‐diversity, Environment, Security and Disaster Management)

5. पेपर ५ सामान्य अध्ययन IV – 250 मार्क्स (नैतिकता, ईमानदारी और एप्टीट्यूड) (Ethics, Integrity and Aptitude)

6. पेपर ६ वैकल्पिक विषय पेपर 1- 250 मार्क्स

7. पेपर ७ वैकल्पिक विषय पेपर 2- 250 मार्क्स

 वैकल्पिक विषय  लिस्ट

1. इतिहास सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

2. भूगोल सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

3. अर्थशास्त्र सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

4. समाजशास्त्र सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

5. लोक प्रशासन- सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

6. दर्शनशास्त्र सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

7. मनोविज्ञान- सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

8. राजनीति विज्ञान- सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

9. कृषि सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

10. पशुपालन और पशु चिकित्सा विज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

11. नृविज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

12. वनस्पति विज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

13. रसायन विज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

14. सिविल इंजीनियरिंग सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

15. वाणिज्य सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

16. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

17. भूविज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

18. कानून सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

19. गणित सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

20. प्रबंधन सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

21. मैकेनिकल इंजीनियरिंग सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

22. चिकित्सा विज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

23. भौतिकी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

24. सांख्यिकी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

25. जंतु विज्ञान सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

26. निम्नलिखित में से किसी एक का साहित्य languages: Assamese , Bengali , Bodo , Dogri , Gujarati , Hindi ,Kannada , Kashmiri , Konkani , Maithili , Malayalam , Manipuri , Marathi , Nepali , Oriya , Punjabi , Sanskrit , Santhali , Sindhi , Tamil , Telugu , Urduand English .

 

IAS Optional Subject's Syllabus

Public Administration

                       लोक प्रशासन (IAS)

पेपर - I  प्रशासनिक सिद्धांत

परिचय: लोक प्रशासन का अर्थ, दायरा और महत्व; लोक प्रशासन की विल्सन की दृष्टि; अनुशासन का विकास और इसकी वर्तमान स्थिति; नया लोक प्रशासन; सार्वजनिक विकल्प दृष्टिकोण; उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण की चुनौतियां; सुशासन: अवधारणा और अनुप्रयोग; नया सार्वजनिक प्रबंधन।

प्रशासनिक विचार: वैज्ञानिक प्रबंधन और वैज्ञानिक प्रबंधन आंदोलन; शास्त्रीय सिद्धांत; वेबर के नौकरशाही मॉडल - इसकी आलोचना और पोस्ट-वेबरियन विकास; गतिशील प्रशासन (मैरी पार्कर फोल्लेट); मानवरिलेशंस स्कूल (एल्टन मेयो और अन्य); कार्यकारी (सी। आई। बर्नार्ड) के कार्य; साइमन के निर्णय लेने वाले सिद्धांत; साझेदारी प्रबंधन (आर। लिकर्ट, सी। अरगीरिस, डी। मैकग्रेगर)।

प्रशासनिक व्यवहार: प्रक्रिया और निर्णय लेने की तकनीकों; संचार; मोरेल; प्रेरणा सिद्धांत - सामग्री, प्रक्रिया और समकालीन; नेतृत्व के सिद्धांत: पारंपरिक और आधुनिक

संगठन: सिद्धांत - सिस्टम, आकस्मिकता; संरचना और रूप: मंत्रालयों और विभागों, निगमों, कंपनियां, बोर्ड और आयोग; तदर्थ और सलाहकार निकायों; मुख्यालय और फील्ड संबंध; नियामक अधिकारी; सार्वजनिक निजी साझेदारी।

जवाबदेही और नियंत्रण: उत्तरदायित्व और नियंत्रण के अवधारणा; प्रशासन पर विधान, कार्यकारी और न्यायिक नियंत्रण; नागरिक और प्रशासन; मीडिया, रुचि समूहों, स्वैच्छिक संगठनों की भूमिका; नागरिक समाज; नागरिक चार्टर; सूचना का अधिकार; सामाजिक ऑडिट।

प्रशासनिक कानून: अर्थ, दायरा और महत्व; प्रशासनिक कानून पर डिक्सी; प्रत्यायोजित विधान; प्रशासनिक न्यायाधिकरण

तुलनात्मक लोक प्रशासन: प्रशासनिक प्रणालियों को प्रभावित करने वाले ऐतिहासिक और सामाजिक कारक; विभिन्न देशों में प्रशासन और राजनीति; तुलनात्मक लोक प्रशासन की वर्तमान स्थिति; पारिस्थितिकी और प्रशासन; रिगशियन मॉडल और उनकी आलोचना

विकास गतिशीलता: विकास की अवधारणा; विकास प्रशासन की प्रोफाइल बदलना; 'एंटिडेविल्फाट थीसिस'; नौकरशाही और विकास; बाजार की बहस के खिलाफ मजबूत राज्य; प्रशासन पर उदारीकरण का प्रभाव विकासशील राष्ट्रों में; महिला और विकास - स्वयं सहायता समूह आंदोलन

कार्मिक प्रशासन: मानव संसाधन विकास का महत्व; भर्ती, प्रशिक्षण, कैरियर की उन्नति, स्थिति वर्गीकरण, अनुशासन, प्रदर्शन मूल्यांकन, पदोन्नति, वेतन और सेवा शर्तों; नियोक्ता-कर्मचारी संबंध, शिकायत निवारण तंत्र; आचार संहिता; प्रशासनिक नैतिकता

सार्वजनिक नीति: नीति बनाने और उनकी आलोचना के मॉडल; अवधारणा, योजना, कार्यान्वयन, निगरानी, मूल्यांकन और समीक्षा और उनकी सीमाओं की प्रक्रिया; राज्य सिद्धांत और सार्वजनिक नीति तैयार करना

प्रशासनिक सुधार की तकनीक: संगठन और विधियों, कार्य अध्ययन और कार्य प्रबंधन; ई-शासन और सूचना प्रौद्योगिकी; प्रबंधन सहायता उपकरण जैसे नेटवर्क विश्लेषण, एमआईएस, पीईआरटी, सीपीएम

वित्तीय प्रशासन: मौद्रिक और वित्तीय नीतियां; सार्वजनिक ऋण और सार्वजनिक ऋण बजट - प्रकार और रूप; बजटीय प्रक्रिया; वित्तीय जवाबदेही; लेखा और लेखा परीक्षा

                   पेपर - II  भारतीय प्रशासन

भारतीय प्रशासन का विकास: कौटिल्य के अर्थशास्त्र; मुगल प्रशासन; राजनीति और प्रशासन में ब्रिटिश शासन की विरासत - सार्वजनिक सेवाओं, राजस्व प्रशासन, जिला प्रशासन, स्थानीय स्वराज्य के भारतीयकरण।

सरकार के दार्शनिक और संवैधानिक ढांचे: मुख्य विशेषताएं और मूल्य परिसर; संवैधानिकता; राजनीतिक संस्कृति; नौकरशाही और लोकतंत्र; नौकरशाही और विकास

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम: आधुनिक भारत में सार्वजनिक क्षेत्र; पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के फार्म; स्वायत्तता, जवाबदेही और नियंत्रण की समस्याएं; उदारीकरण और निजीकरण का प्रभाव

केंद्र सरकार और प्रशासन: कार्यकारी, संसद, न्यायपालिका - संरचना, कार्य, कार्य प्रक्रिया; हाल के रुझान; आधिकारिक संबंध; कैबिनेट सचिवालय; प्रधान मंत्री कार्यालय; केंद्रीय सचिवालय; मंत्रालयों और विभागों; बोर्ड; आयोगों; संलग्न कार्यालय; फील्ड संगठन

योजनाएं और प्राथमिकताएं: नियोजन की मशीनरी; योजना आयोग और राष्ट्रीय विकास परिषद की भूमिका, रचना और कार्य; 'सूचक' योजना; संघ और राज्य स्तरों पर योजना तैयार करने की प्रक्रिया; संवैधानिक संशोधन (1 99 2) और आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए विकेंद्रीकृत योजना।

राज्य सरकार और प्रशासन: संघ राज्य प्रशासनिक, विधायी और वित्तीय संबंध; वित्त आयोग की भूमिका; राज्यपाल; मुख्यमंत्री; मंत्रिमंडल; प्रमुख शासन सचिव; राज्य सचिवालय; निदेशालय

स्वतंत्रता के बाद जिला प्रशासन: कलेक्टर की भूमिका बदलना; संघस्थानी स्थानीय संबंध; विकास प्रबंधन और कानून एवं व्यवस्था प्रशासन के प्रत्याशियों; जिला प्रशासन और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण

नागरिक सेवाएं: संवैधानिक स्थिति; संरचना, भर्ती, प्रशिक्षण और क्षमता-निर्माण; सुशासन की पहल; आचार संहिता और अनुशासन; स्टाफ संघों; राजनीतिक अधिकार; शिकायत निवारण तंत्र; सिविल सेवा तटस्थता; सिविल सेवा सक्रियता

वित्तीय प्रबंधन: राजनीतिक साधन के रूप में बजट; सार्वजनिक व्यय का संसदीय नियंत्रण; मौद्रिक और वित्तीय क्षेत्र में वित्त मंत्रालय की भूमिका; लेखा तकनीकों; लेखा परीक्षा; भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के खातों के नियंत्रक जनरल की भूमिका

स्वतंत्रता के बाद से प्रशासनिक सुधार: प्रमुख चिताएं; महत्वपूर्ण समितियों और कमीशन; वित्तीय प्रबंधन और मानव संसाधन विकास में सुधार; कार्यान्वयन की समस्याएं

ग्रामीण विकास: स्वतंत्रता के बाद संस्थाएं और एजेंसियां; ग्रामीण विकास कार्यक्रम: फेशन और रणनीतियों; विकेंद्रीकरण और पंचायती राज; 73 वां संवैधानिक संशोधन

शहरी स्थानीय सरकार: नगरपालिका प्रशासन: मुख्य विशेषताएं, संरचना, वित्त और समस्या क्षेत्रों; 74 वें संवैधानिक संशोधन; ग्लोबवालोकल बहस; नया स्थानीयकरण; शहर प्रबंधन के लिए विशेष संदर्भ के साथ विकास की गतिशीलता, राजनीति और प्रशासन।

कानून और व्यवस्था प्रशासन: ब्रिटिश विरासत; राष्ट्रीय पुलिस आयोग; जांच एजेंसियां; कानून और व्यवस्था के रखरखाव में अर्धसैनिक बलों सहित केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की भूमिका और विद्रोह और आतंकवाद का मुकाबला; राजनीति और प्रशासन के आपराधिकरण; पुलिस-जनसंपर्क; पुलिस में सुधार

भारतीय प्रशासन में महत्वपूर्ण मुद्दे: सार्वजनिक सेवा में मान; विनियामक आयोगों; राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग; गठबंधन शासनों में प्रशासन की समस्याएं; नागरिक प्रशासन इंटरफ़ेस; भ्रष्टाचार और प्रशासन; आपदा प्रबंधन।

Geography

पेपर – I   :  भूगोल के सिद्धांत

भौतिकी भूगोल: भू-आकृति विज्ञान: भूमि के विकास को नियंत्रित करने वाले कारक; एंडोजेनेटिक और एक्सोजेनेटिक बलों; पृथ्वी की परत की उत्पत्ति और विकास; भौगोलिकतावाद की बुनियादी बातें; पृथ्वी के इंटीरियर की भौतिक स्थितियों; जीओसिंक्लिनिस; महाद्वीपीय बहाव; Isostasy; प्लेट टेक्टोनिक्स; पहाड़ की इमारत पर हाल के विचार; वालकैनिटी; भूकंप और सुनामी; भौगोलिक चक्र और लैंडस्केप विकास की अवधारणा; निंदा कालक्रम; चैनल आकारिकी; क्षरण सतह; ढलान विकास; एप्लाइड जियोमोर्फोलॉजी: भूहायोलॉजी, आर्थिक भू-विज्ञान और पर्यावरण

क्लाइमैटोलॉजी: दुनिया के तापमान और दबाव बेल्ट; पृथ्वी का हीट बजट; वायुमंडलीयक्रियाकरण; वायुमंडलीय स्थिरता और अस्थिरता ग्रह और स्थानीय हवाएं; मानसून और जेट धाराएं; एयर द्रव्यमान और फ़्रंटो उत्पत्ति, Temperate और उष्णकटिबंधीय चक्रवात; प्रकार और वर्षा का वितरण; मौसम और जलवायु; कोपेंन, थॉर्नथवेट्स और विश्व व्यापी के Trewartha वर्गीकरण; जल विज्ञान चक्र; ग्लोबल जलवायु परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन में मनुष्य की प्रतिक्रिया और प्रतिक्रिया, एप्लाइड क्लाइमेटोलॉजी और शहरी जलवायु।

मुद्र विज्ञान: अटलांटिक, भारतीय और प्रशांत महासागरों के नीचे स्थलाकृति; महासागरों का तापमान और लवणता; हीट और नमक बजट, महासागर जमा; तरंगों, धाराओं और ज्वार; समुद्री संसाधन: जैविक, खनिज और ऊर्जा संसाधन; कोरल रीफ्स, मूंगा विरंजन; Sealevel परिवर्तन; समुद्र और समुद्री प्रदूषण का कानून

जीव विज्ञान: मिट्टी की उत्पत्ति; वर्गीकरण और मिट्टी का वितरण; मिट्टी का प्रकार; मिट्टी का क्षरण, गिरावट और संरक्षण; पौधों और जानवरों के विश्व वितरण को प्रभावित करने वाले कारक; वनों की कटाई और संरक्षण उपायों की समस्याएं; सामाजिक वानिकी; कृषि-वानिकी; जंगली जीवन; मेजर जीन पूल सेंटर

पर्यावरण भूगोल: पारिस्थितिकी के सिद्धांत; मानव पारिस्थितिक अनुकूलन; पारिस्थितिकी और पर्यावरण पर मनुष्य का प्रभाव; वैश्विक और क्षेत्रीय पारिस्थितिक परिवर्तन और असंतुलन; पारिस्थितिकी तंत्र उनके प्रबंधन और संरक्षण; पर्यावरण क्षरण, प्रबंधन और संरक्षण; जैव विविधता और टिकाऊ विकास; पर्यावरण नीति; पर्यावरण के खतरों और उपचारात्मक उपायों; पर्यावरण शिक्षा और कानून

मानवीय भूगोल: मानव भूगोल में परिप्रेक्ष्य: अरियल भेदभाव; क्षेत्रीय संश्लेषण; विखंडन और द्वैतवाद; पर्यावरणवाद; मात्रात्मक क्रांति और स्थानीय विश्लेषण; कट्टरपंथी, व्यवहार, मानव और कल्याण के दृष्टिकोण; भाषा, धर्म और सेक्युलरिज़ेशन; दुनिया के सांस्कृतिक क्षेत्र; मानव विकास सूचकांक।

आर्थिक भूगोल: विश्व आर्थिक विकास: माप और समस्याएं; विश्व संसाधन और उनके वितरण; ऊर्जा संकट; विकास की सीमाएं; विश्व कृषि: कृषि क्षेत्रों की टाइपोग्राफी; कृषि आदानों और उत्पादकता; खाद्य और पोषण संबंधी समस्याएं; खाद्य सुरक्षा; अकाल: कारण, प्रभाव और उपचार; विश्व उद्योग: स्थान के पैटर्न और समस्याएं; विश्व व्यापार के पैटर्न

जनसंख्या और निपटान भूगोल: विश्व की जनसंख्या का विकास और वितरण; जनसांख्यिकीय गुण; कारण और प्रवास के परिणाम; अधिक से कम और अधिकतम जनसंख्या की अवधारणा; जनसंख्या सिद्धांत, विश्व जनसंख्या समस्याएं और नीतियां, सामाजिक कल्याण और जीवन की गुणवत्ता; सामाजिक पूंजी के रूप में जनसंख्या ग्रामीण बस्तियों के प्रकार और पैटर्न; ग्रामीण बस्तियों में पर्यावरणीय समस्याएं; शहरी बस्तियों की पदानुक्रम; शहरी आकृति विज्ञान: प्राइमेट शहर और रैंक-साइज नियम के अवधारणा; कस्बों का कार्यात्मक वर्गीकरण; शहरी प्रभाव का क्षेत्र; ग्रामीण शहरी फ्रिंज; सैटेलाइट कस्बों; शहरीकरण की समस्याओं और उपचार; शहरों के सतत विकास

क्षेत्रीय योजना: एक क्षेत्र की अवधारणा; क्षेत्रों और क्षेत्रीयीकरण के तरीकों के प्रकार; विकास केंद्र और विकास पोल; क्षेत्रीय असंतुलन; क्षेत्रीय विकास रणनीतियों; क्षेत्रीय योजना में पर्यावरण संबंधी मुद्दों; टिकाऊ विकास के लिए योजना

मानव भूगोल में मॉडल, सिद्धांत और कानून: मानव भूगोल में सिस्टम विश्लेषण; माल्थुसियन, मार्क्सियन और जनसांख्यिकीय संक्रमण मॉडल; क्रिस्टेलर और लॉस के सेंट्रल प्लेस थ्योरिक्स; पेरॉन्क्स और बोउडविल; कृषि स्थान का वॉन थूनन का मॉडल; औद्योगिक स्थान के वेबर का मॉडल; ओस्टोव के विकास के चरणों का मॉडल गढ़ और रिमलैंड सिद्धांतों; अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और सीमाओं के कानून।

पेपर - II    :   भारत का भूगोल

शारीरिक निर्धारण: पड़ोसी देशों के साथ भारत का अंतरिक्ष संबंध; संरचना और राहत; ड्रेनेज सिस्टम और वाटरशेड; फिजियोग्राफिक क्षेत्र; भारतीय मानसून और वर्षा पैटर्न, उष्णकटिबंधीय चक्रवात और पश्चिमी गड़बड़ी का तंत्र; बाढ़ और सूखे; जलवायु क्षेत्रों; प्राकृतिक वनस्पति; मिट्टी के प्रकार और उनके वितरण

संसाधन: भूमि, सतह और भूजल, ऊर्जा, खनिज, जैविक और समुद्री संसाधन; वन और जंगली जीवन संसाधन और उनके संरक्षण; ऊर्जा संकट।

कृषि: बुनियादी ढांचा: सिंचाई, बीज, उर्वरक, बिजली; संस्थागत कारक: भूमि धारक, भूमि कार्यकाल और भूमि सुधार; फसल पैटर्न, कृषि उत्पादकता, कृषि की तीव्रता, फसल संयोजन, भूमि क्षमता; कृषि और सामाजिक वानिकी; हरित क्रांति और इसके सामाजिक-आर्थिक और पारिस्थितिक प्रभाव; शुष्क खेती का महत्व; पशुधन संसाधन और सफेद क्रांति; एक्वा-कल्चर; रेशम की खेती, मद्यपान और पोल्ट्री; कृषि क्षेत्रीयीकरण; कृषि-जलवायु क्षेत्र; कृषि-पारिस्थितिक क्षेत्रों।

द्योग: उद्योगों का विकास; कपास, जूट, कपड़ा, लोहा और इस्पात, एल्यूमीनियम, उर्वरक, कागज, रसायन और दवा, ऑटोमोबाइल, कुटीर और कृषि आधारित उद्योगों के स्थानीय कारक; सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित औद्योगिक घरों और परिसरों; औद्योगिक क्षेत्रीयीकरण; नई औद्योगिक नीतियां; बहुराष्ट्रीय और उदारीकरण; विशेष आर्थिक क्षेत्र; पारिस्थितिकी पर्यटन सहित पर्यटन

परिवहन, संचार और व्यापार: सड़क, रेलवे, जलमार्ग, वायुमार्ग और पाइपलाइन नेटवर्क और क्षेत्रीय विकास में उनकी पूरक भूमिकाएं; राष्ट्रीय और विदेशी व्यापार पर बंदरगाहों की बढ़ती महत्व; व्यापार का संतुलन; व्यापार नीती; प्रसंस्करण क्षेत्र निर्यात करें; संचार और सूचना प्रौद्योगिकी में विकास और अर्थव्यवस्था और समाज पर उनके प्रभाव; भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम

सांस्कृतिक सेटिंग: भारतीय समाज के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य; जातीय, भाषाई और जातीय विविधता; धार्मिक अल्पसंख्यक; प्रमुख जनजाति, जनजातीय क्षेत्रों और उनकी समस्याएं; सांस्कृतिक क्षेत्र; जनसंख्या का विकास, वितरण और घनत्व; जनसांख्यिकीय गुण: लिंग अनुपात, आयु संरचना, साक्षरता दर, कार्य बल, निर्भरता अनुपात, दीर्घायु; प्रवास (अंतर-क्षेत्रीय, अंतर-क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय) और संबंधित समस्याओं; जनसंख्या समस्याएं और नीतियां; स्वास्थ्य सूचक

बस्तियों: ग्रामीण बस्तियों के प्रकार, पैटर्न और आकारिकी; शहरी विकास; भारतीय शहरों की आकृति विज्ञान; भारतीय शहरों का कार्यात्मक वर्गीकरण; कन्नड़ और महानगरीय क्षेत्रों; शहरी फैलाव; मलिन बस्तियों और संबंधित समस्याओं; नगर नियोजन; शहरीकरण और उपचार की समस्याएं

क्षेत्रीय विकास और योजना: भारत में क्षेत्रीय योजना का अनुभव; पांच साल की योजनाएं; एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम; पंचायती राज और विकेंद्रीकृत योजना; कमान क्षेत्र विकास; जल विभाजन प्रबंधन; पिछड़ा क्षेत्र, रेगिस्तान, सूखा प्रवण, पहाड़ी, आदिवासी क्षेत्र विकास के लिए योजना; बहु-स्तरीय योजना; क्षेत्रीय योजना और द्वीप प्रदेशों के विकास

राजनीतिक पहलुओं: भारतीय संघवाद के भौगोलिक आधार; राज्य पुनर्गठन; नए राज्यों का उदय; क्षेत्रीय चेतना और अंतर राज्य के मुद्दों; भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा और संबंधित मुद्दों; सीमा पार आतंकवाद; विश्व मामलों में भारत की भूमिका; दक्षिण एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र के भू-राजनीति।

समकालीन मुद्दे: पारिस्थितिक मुद्दे: पर्यावरण के खतरों: भूस्खलन, भूकंप, सुनामी, बाढ़ और सूखे, महामारी; पर्यावरणीय प्रदूषण से संबंधित मुद्दे; भूमि उपयोग के पैटर्न में परिवर्तन; पर्यावरणीय प्रभाव आकलन और पर्यावरण प्रबंधन के सिद्धांत; जनसंख्या विस्फोट और खाद्य सुरक्षा; पर्यावरणीय दुर्दशा; वनों की कटाई, मरुस्थलीकरण और मिट्टी का क्षरण; कृषि और औद्योगिक अशांति की समस्याएं; आर्थिक विकास में क्षेत्रीय असमानताओं; सतत विकास और विकास की अवधारणा; पर्यावरण के प्रति जागरूकता; नदियों का लिंक; वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

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